सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Brain(मस्तिष्क)

मस्तिष्क(brain)

मस्तिष्क जंतुओं के केंद्रीय तंत्रिका तंत्र का नियंत्रण केंद्र है, या उनके आचरण का नियमन एवं नियंत्रण करता है। स्तनधारियों प्राणियों में मस्तिष्क में स्थित होता है तथा खोपड़ी द्वारा सुरक्षित रहता है।यह मुख्य ज्ञानेंद्रियों आंख नाक जीव और कान से जुड़ा हुआ उनके करीब ही स्थित होता है।
मस्तिष्क की सभी रीढ़धारी प्राणियों में होता है। परंतु अमेरुधंडी प्राणियों में यह केंद्रीय मस्तिष्क या स्वतंत्र गैंगलिया के रूप में होता है। कुछ जीवन जैसे निडारिया एवं तारा मछली में यह केंद्रभूत ना होकर शरीर में यंत्र तंत्र फैला रहता है। जबकि कुछ प्राणियों जैसे स्पंज में तो मस्तिष्क होता ही नहीं है, उच्च श्रेणी के प्राणियों जैसे माधव में मस्तिष्क अत्यंत जटिल होता है। मानव मस्तिष्क में लगभग एक अरब तंत्रिका कोशिकाएं होती हैं, जिनमें से प्रत्येक अन्य तंत्रिका कोशिका से 10 हजार से भी अधिक संभोग स्थापित करते हैं।
मस्तिष्क (Brain) सबसे जटिल अंग है।मस्तिष्क के द्वारा शरीर के विभिन्न अंगों के कार्य का नियंत्रण एवं नियमन होता है। अतः मस्तिष्क को शरीर का मालिक अंग कहते हैं। इसका मुख्य कार्य ज्ञान, बुद्धी, तर्कशक्ति,स्मरण , विचार निर्णय, व्यक्तित्व आदि का नियंत्रण एवं नियमन करना है।
तंत्रिका विज्ञान का क्षेत्र पूरे विश्व में बहुत तेजी से विकसित हो रहा है, बड़े बड़े तंत्र के रोगों से निपटने के लिए आणविक, कोशिकीय अनुवांशिक एवं व्यवहारिक स्तरों पर मस्तिष्क की क्रिया के संदर्भ में क्षेत्र पर विचार करने की आवश्यकता को पूरी तरह महसूस किया गया है।
एक नए अध्ययन में निष्कर्ष निकाला गया है कि मस्तिष्क के आकार से व्यक्तित्व की झलक मिल सकती है, व्हाट्सएप में बच्चों का जन्म एक अलग व्यक्तित्व के रूप में होता है,और जैसे-जैसे उनके मस्तिष्क का विकास होता है उनके अनुरूप उनका व्यक्तित्व भी तैयार होता है।
मस्तिष्क (brain), खोपडी (skull) मैं स्थित है। यह चेतना ( consciousness) और स्मृति (memory) का स्थान है।
सभी ज्ञानेंद्रियों:-आंख, कान, नाक, जिभ तथा त्वचा से अवेग यहीं पर आते हैं।
जिन को समझने का कार्य मस्तिष्क करता है।पेशियों के संकुचन से गति करवाने के लिए आवेगो को तंत्रिका सूत्रों द्वारा भेजने तथा उन क्रियाओं का नियमन करने के मुख्य केंद्र मस्तिष्क में है। यद्यपि ये क्रियाएं मेरुरज्जु मैं स्थित भिन्न भिन्न केंद्रों से होती रहती है। अनुभव से प्राप्त हुए ज्ञान को संग्रह करने, विचारने तथा विचार करके निष्कर्ष निकालने का कार्य भी मस्तिष्क (brain) का हैं।

मस्तिष्क की रचना

मस्तिष्क में ऊपर का बड़ा प्रमस्तिष्क ( hemisphere) कपाल में स्थित है। इसके पीछे के भाग के नीचे के और अनुमस्तिष्क ( cerebellum) के दो छोटे-छोटे गोलार्ध जुड़े हुए दिखाई देते हैं। इनके आगे की और बड़ा भाग है, जिनको मध्य मस्तिष्क.(midbrain) कहते हैं।
इसके बाद एक नीचे की ओर मेरुशिर्ष ( Medulla Oblongata) कहते हैं।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

शास्त्रीय नृत्य

भारत के प्रमुख शास्त्रीय नृत्य भारत में सबसे महत्वपूर्ण मुख्य: 7 भागों में बांटा गया है:- *भरतनाट्यम:- यह तमिलनाडु का प्रमुख शास्त्रीय नृत्य है,जिसे कर्नाटक संगीत के माध्यम से एक व्यक्ति प्रस्तुत करता है, यहां भ का अर्थ भाव से,र का अर्थ राग से, त का अर्थ ताल से, और नाट्यम का अर्थ थिएटर से है। यह नृत्य पहले मंदिरों मैं प्रदर्शित होता था। *कथकली:- यह केरल का प्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्य है, इसमें कलाकार स्वयं गाता नहीं है, बल्कि एक विशेष लय एवं राग के संगीत पर नृत्य करता है, नाटक की कथावस्तु अधिकांश: महाकाव्य एवं पौराणिक कथाओं पर आधारित है। कथकली का शाब्दिक अर्थ है, किसी कहानी पर आधारित नाटक। *कुचिपुड़ी:- यह आंध्र प्रदेश का नाट्य नृत्य है। कुचिपुड़ी नामक गांव के नाम पर ही इसका नाम पड़ा, इसमें अनेक कथनको (धार्मिक या पौराणिक) पर नृत्य होता है। *ओडिसी:- यह उड़ीसा का प्राचीन नृत्य है, यह पूर्णता आराधना का नृत्य है, इसमें नृत्य के माध्यम से संपन्न का भाव लिए, नृत्य की ईश्वरीय स्तुति करती हैं। *कथक:- यह मूल्यत: उत्तर भारत का शास्त्रीय नृत्य है। 13वीं शताब्दी के संगीत रत्नाकर ग्रंथों में कत्थक शब्...

Ellora Caves(एलोरा की गुफाएं)

एलोरा की गुफाए यह पांचवी और दस वीं शताब्दी में बने थे, यहां 12 बौद्ध गुफाएं (1-12), 17 हिंदू गुफाएं (13-29) और पांच जैन गुफाएं (30-34) है। एलोरा भारतीय पाषाण शिल्प स्थापत्य कला का सार है। यहां "34 गुफाएं"है, जो असल में एक ऊर्ध्वाधर खड़ी चरणद्री पर्वत का फलक है। इसमें हिंदू, बौद्ध और जैन गुफा मंदिर बने हैं। यह सभी आसपास बनी है और अपने निर्माण काल की धार्मिक सौहार्द को दर्शाती हैं। एलोरा के 34 मठ और मंदिर औरंगाबाद के निकट 2 किलोमीटर के क्षेत्र में फैले हुए हैं। ऊंची बेसाल्ट की खड़ी चट्टानों की दीवारों को काटकर बनाया गया है। दुर्गम पहाड़ियों वाला एलोरा 600 से 1000 ईसवी के काल का है। यह प्राचीन भारतीय सभ्यता का जीवन्त प्रदर्शन करता है। हिंदू, बौद्ध और जैन धर्म को भी समर्पित पवित्र स्थान एलोरा है। यह प्राचीन भारत के धैर्यवान चरित्र की व्याख्या भी करता है। एलोरा की गुफाएं यूनेस्को की विश्व विरासत में शामिल है। यह भारत की अतुल्य और अद्भुत वास्तुकला में शामिल है। एलोरा की गुफाएं अर्थात कैलाश गुफा की गुफा क्रमांक 16 का उल्लेख जरूर आता है। महाराष्ट्र में बने पर्यटक स्थलों में से औरंगा...

Indian space research organisation (ISRO)

 ISRO (इसरो) भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ( Indian space research organisation)  इसरो की स्थापना 15 अगस्त 1969में हुई थी। इसरो का मुख्यालय headquarer बेंगलुरु((कर्नाटक)में स्थित है। ISRO(indian space research organisation) भारत की एक संस्था है इस संस्था का कार्य भारत के लिए अंतरिक्ष संबंधी तकनीकी बनाना है। इसरो के वर्तमान अध्यक्ष के सिवान है । इन्होंने ए एस किरण की जगह पद ग्रहण किया है।  के सिवान को (Rocket man) के नाम से भी जाना जाता है। इसका नाम अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए भारत की राष्ट्रीय समिति (INCOSPAR) था। आर्यभट्ट  आर्यभट भारत का पहला उपग्रह था, इसका नाम भारत के महान गणितज्ञ आर्यभट्ट के नाम पर रखाा गया। जो कि 19 अप्रैल 1975 में सोवियत संघ द्वारा अंतरिक्ष में छोड़ा गया इसने 5 दिनों बाद कार्य करना बंद कर दिया था।  भास्कर 7june 1979     को भारत का दूसरा उपग्रह भास्कर पृथ्वी की कक्षा में छोड़ा गया। 442 किलोग्राम भार वाले इस उपग्रह की मिशन लाइव 1 वर्ष थीं। पृथ्वी की निचली कक्षा में जाने वाले पहले भारतीय निरीक्षण उपग्रह ने इसरो में संरचनात्मक रिमो...