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विभिन्न भाग और महत्वपूर्ण अनुच्छेद

विभिन्न भाग और महत्वपूर्ण अनुच्छेद

भाग 1: संघ एवं उसका राज्य क्षेत्र: इसमें अनुच्छेद 1 से 4 सम्मिलित हैं जिनमें संघ का ना औरम और राज्य क्षेत्र , नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना,नए राज्यों का निर्माण और वर्तमान राज्यों के क्षेत्रों की सीमा हो या नामों में परिवर्तन के संबंध में प्रावधान किया गया है।
भाग 2: नागरिकता:इसमें अनुछेद 5 से 11 सम्मिलित हैं जिनमें भारत की नागरिकता के संबंध में प्रावधान ह।
भाग 3: मौलिक अधिकार: इसमें अनुच्छेद 12 से 35 सम्मिलित है जिनमें मूल अधिकारों के संबंध में प्रावधान किया गया है। इसमें अनुच्छेद 14 से 18 तक में समानता का अधिकार, अनुच्छेद 19 से 22 तक में स्वतंत्रता का अधिकार, अनुच्छेद 23 व 24 में शोषण के विरुद्ध अधिकार, अनुच्छेद 25 27 में धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार, अनुच्छेद 29 एवं 30 में संस्कृति एवं शिक्षा से संबंधित अधिकार तथा अनुच्छेद 32 से 35 में नागरिकों को पदार्थ व संवैधानिक उपचारों के अधिकार है।
भाग 4: राज्य के नीति निर्देशक तत्व: इसमें अनुच्छेद 36से 51 सम्मिलित है, जिनमें राज्य की नीति के निर्देशक तत्वों का उल्लेख किया गया है।
भाग 4 क: मूल कर्तव्य: इनमें अनुच्छेद 51 क को सम्मिलित किया गया है जिनमें नागरिकों के मूल कर्तव्य का उल्लेख है। यह भाग 42वे संविधान संशोधन द्वारा सन् 1976 मैं शामिल किया गया।
भाग 5: संघ की शासन व्यवस्था (राष्ट्रपति, मंत्री परिषद, संसद और सर्वोच्च न्यायालय आदि): इस भाग में अनुच्छेद 52 से 151 तक शामिल है। अनुच्छेद 52 से 73मैं भारत के राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति की योग्यता, निर्वाचन, शताब्दी एवं शपथ आदि के संबंध में प्रावधान किया गया है। अनुच्छेद 74 वे संविधान में राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए मंत्रिपरिषद की व्यवस्था, अरे 676 में भारत के महान्यायवादी तथा अनुच्छेद 77 एवं 78 में भारत सरकार के कार्य संचालन तथा राष्ट्रपति का जानकारी देने के लिए प्रधानमंत्री के कर्तव्य के संबंध में उल्लेख किया गया है। अनुच्छेद 79से 106 मैं भारतीय संसद के संबंध में उल्लेख किया गया है जबकि अनुच्छेद 107 से 122 तक में संसद के विधायी प्रक्रिया तथा वित्तीय विषयों से संबंध प्रक्रिया का उल्लेख मिलता है। अनुच्छेद 123 में संसद के विक्षांतीकाल मैं अध्यादेश जारी करने के राष्ट्रपति की शक्ति, अनुच्छेद 124 से 147 मैं संघ की न्यायपालिका के संबंध में प्रावधान तथा अनुच्छेद 148 से 151 मैं भारत को नियंत्रण व महालेखा परीक्षक के संबंध में प्रावधान किया गया है।
भाग 6: राज्यों का शासन: इस भाग में अनुच्छेद 15227 सम्मिलित है जिनमें राज्य की कार्यपालिका, विधायिका तथा न्यायपालिका से संबंधित प्रावधान समाविष्ट है। अनुच्छेद 152 द्वारा जम्मू कश्मीर राज्य को राज्यों के सामान संवर्ग से प्रथ्रक, कर दिया गया है। अनुच्छेद 153 से 162 राज्यपाल से संबंधित है जबकि अनुच्छेद 163 एवं 154 में राज्य केमुख्यमंत्री एवं मंत्री परिषद के अन्य सदस्यों के संबंध में प्रावधान है। अनुच्छेद 168 से 195 मैं राज्य विधानमंडल के गठन, राज्य विधानमंडल के अधिकार, कार्य संचालन विधान मंडल के सदस्यों की आयोग्यताएं राज्य की विधान मंडल और उनके सदस्यों की शक्तियां, विशेषाधिकार एवं अनु मंत्रियों से संबंधित प्रावधान। अनुच्छेद 213 राज्यपाल की विधायी शक्तिया से संबंधित है जबकि अनुच्छेद 214 से 223 में राज्यों के उच्च न्यायालय के संगठन एवं शक्तियों के संबंध में प्रावधान है।

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